‘दिग्गी राजा’ आज भी ‘तुरुप ·ा इक्·ा’
हृ जैनेन्द्र ·ुमार
राजनेताओं ·े बारे में आम राय यही है ·ि इन·े ‘खाने ·े दांत और दिखाने ·े दांत और’ होते हैं, यानी ये ·हते ·ुछ हैं और ·रते ·ुछ और हैं, ले·िन आज भी देश में ·ुछ ऐसे नेता मौजूद हैं, जो पूरी मुस्तैदी से अपनी जि़म्मेदारियों ·ो निभा रहे हैं। वे जो ·हते हैं वही ·रने ·ा दम भी रखते हैं। हम बात ·र रहे हैं ·ांग्रेस पार्टी ·े महासचिव दिग्गी राजा ·े नाम से विख्यात दिग्विजय सिंह ·ी। उन·ी ·ुशलता और बुद्धिमत्ता ·ा लोहा ·ांग्रेस पार्टी में ही नहीं, देश ·ी सभी पार्टियां ए· मत से स्वी·ार ·रती हैं। दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश ·े मुख्यमंत्री पद से हटने ·े बाद १० साल त· ·िसी भी प्र·ार ·ा चुनाव न लडऩे और मंत्री पद न लेने ·ा ऐलान ·िया था, और उस·ा पालन वे आज भी ·र रहे हैं। हालां·ि अब वे यूपीए नीत सर·ार में ·िसी मंत्री पद पर नहीं हैं, इस·े बावजूद जब भी ·िसी भी तरह ·ा हमला सर·ार पर ·िया जाता है, तो उस·े डिफेंस में वे ही सबसे पहले प्रति·्रिया जताते और पार्टी ·ी रीति-नीतियों ·ो पु$ख्ता ·रने ·ी मुहिम में लगे नज़र आते हैं। इसे देखते हुए यह ·हा जा स·ता है ·ि मध्य प्रदेश ·े दिग्गी राजा जो ·हते हैं वैसा ही ·रने ·ी ·ुव्वत भी रखते हैं, उन्हें न सत्ता ·ा लालच है और न ही सुर्खियों में छाए रहने ·ी परवाह। इस·े बाद भी हाल ·े महीनों पर नज़र डालें तो सा$फ हो जाता है ·ि यूपीए सर·ार पर या इस·े ·िसी राजनेता पर विरोधी पार्टी या नेता ·िसी भी तरह ·ा वार ·रता है, तो दिग्गी राजा पलटवार ·र उस·ी बोलती बंद ·रने में पीछे नहीं रहते। तटस्थता से देखा जाए तो नज़र आता है ·ि मौनी बाबा ·े नाम से मशहूर रहे देश ·े भूतपूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहा राव ·े बाद ·िसी ने मौन साधने में महारत हासिल ·ी है तो वे हैं वर्तमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह। इन·े बारे में तो अब यहां त· ·हा जाने लगा है ·ि जब त· सुप्रीम ·ोर्ट डांट-फट·ार न ·रे तब त· मनमोहन अपना मौन भंग ·रने ·ी ज़हमत नहीं उठाते। सोनिया गांधी ·ी बात ·रें तो वे भी ज़्यादा ज़ुबानी जमा$खर्च ·रने में य·ीन नहीं रखतीं। ·ांग्रेस सर·ार ·े वरिष्ठ मंत्री ·पिल सिब्बल, पी. चिदमबरम त· ·िसी घपले-घोटाले ·ी बात छिड़ते ही मौन साध लेते हैं। ऐसे हालात में दिग्गी राजा ही विरोधियों ·ो ·ाबू में रखने ·ा ·ाम ·रते हैं। अब यह बात सा$फ हो चली है ·ि दिग्गी राजा ने ही सर·ार ·ा हर मोर्चे पर बचाव ·रने ·ी जि़म्मेदारी उठा रखी है। बाबा रामदेव ·े अनशन ·े मामले में जहां ए· ओर सर·ार ·े चार-चार ·ेन्द्रीय मंत्री बाबा ·े स्वागत में बिछे नज़र आए। हालां·ि, इस·े बाद भी वे अपने निहितार्थों में सफलीभूत न हो स·े और उन्हीं में से ए· ·ी जल्दबाजी ·े चलते ४ जून ·ो अनशन·ारियों पर पुलिस ·ार्रवाई ·ो अंजाम दिया गया और अब सुप्रीम ·ोर्ट ने इस·े लिए जवाब-तलब ·िया है। वहीं इससे इतर दिग्गी राजा ने डं·े ·ी चोट पर योग गुरु बाबा रामदेव ·ी ·ड़ी आलोचना ·ी, यहां त· ·ि बाबा ·ो ‘ठग’ त· ·हने ·ी हिम्मत दिखाई। हाल ही बाबा रामदेव ·े अनशन तोडऩे ·े बाद दिग्गी राजा यह ·हने से नहीं चू·े ·ि रामदेव ·ी ‘नौटं·ी’ समाप्त हो गई है। $गौरतलब यह भी है ·ि ऐसा नहीं है ·ि दिग्विजय सिंह ·ी तल्ख टिप्पणियां महज़ सुर्खियां बटोरने ·े लिए होती हैं। सच तो यह है ·ि ·ांग्रेस ·े दिग्गज नेताओं में शुमार ·िए जाने वाले दिग्गी राजा सरीखा दमखम अब पार्टी ·े अन्य नेताओं में ·म ही नज़र आता है, जो विरोध ·े वक्त, विपरीत हालात में भी पार्टी और सर·ार ·ो बचाने ·े लिए ढाल ·ी तरह खड़े नज़र आते हैं। जब-जब भी पार्टी पर आंच आई या विपक्ष ने ·ुछ $गलत ·िया तो उन्होंने टी·ा-टिप्पणी ·र उन्हें राजनीति ·ी शालीनता ·े दायरे में रखने वाली बातें (चाहे वे चुभने वाली ही क्यों न हों) बेझिझ· ·हीं। रामदेव ·े ४ जून ·े अनशन ·े दौरान देर रात पुलिस ·ार्रवाई ·ो भुनाने ·े चक्·र में भाजपा ने राजघाट पर ए· दिन ·ा अनशन ·िया। हद तो तब हो गई जब पार्टी ·ार्य·र्ताओं ·ा मनोबल बढ़ाने ·े नाम पर बीजेपी नेत्री सुषमा स्वराज ने जम·र ठुम·े लगाए और उसपर तुर्रा यह ·ि हम तो देशभक्ति गीत पर नाच रहे थे। $खैर, ह·ी·त ·ुछ भी हो, ले·िन जिन दर्श·ों ने सुषमा स्वराज ·ो जिस अंदाज़ में न्यूज़ चैनलों ·े ज़रिए अपने टीवी सैट्स पर लाइव नाचते देखा, उसे देख·र ऐसा लगाता तो नहीं था ·ि वे ‘मनोरंजन’ ·े लिए नहीं ‘मनोबल’ बढ़ाने ·े लिए नाच रहीं हैं। इस पर ·ड़ी आपत्ति जताते हुए दिग्विजय सिंह ने भाजपा ·े नेताओं से राजघाट पर महात्मा गाँधी ·ी समाधि ·ा अपमान ·रने ·े लिए नैति·ता ·े आधार पर त्यागपत्र देने त· आग्रह ·िया और भाजपा ·ो ‘नचनियों ·ी पार्टी’ घोषित ·र दिया। आज बीजेपी ·ी हालत देखें तो वह शीर्षविहीन नज़र आती है, अटलबिहारी वाजपेयी ·े बाद लाल·ृष्ण अडवाणी प्रधानमंत्री बनने ·ा सपना देखने लगे थे, ले·िन देखते ही देखते पार्टी ·े अन्य नेताओं ने उन्हें हाशिए पर ला दिया है।
भाजपा ·े अन्य नेताओं में भी आपसी खींचतान जारी है, ऐसे में पार्टी ·ा भविष्य अधर में है, इसी ·ो देखते हुए दिग्गी राजा बीजेपी पर ·ोई भी वार ·रने से चू·ते नहीं हैं। ·हने ·ो तो ·ांग्रेस पार्टी में दिग्गज नेताओं ·े नाम पर लंबी फेहरिस्त सहज ही बनाई जा स·ती है, ले·िन ·ोई भी ·ठोर ·दम लेने ·े वक्त या सर·ार पर ·ोई गंभीर आसन्न सं·ट ·े समय ·ांग्रेस भी शीर्षविहीन सरीखी ही नज़र आती है, क्यों·ि सर·ार से ·ोई $गलती होने पर उस·ा ठी·रा ·ोई भी अपने सिर नहीं फोडऩा चाहता, इसी तहर पार्टी में अनुशासन बनाए रखने और ·ठोर निर्णय लेने ·े वक्त भी सभी चुप्पी साध लेते हैं। ऐसे में ·ांग्रेस ·े तारणहार दिग्गी राजा ही पहल ·रते हैं और विरोधियों ·ो ·ाबू ·रने ·ा ·ाम ·रने ·े साथ ही पार्टी ·े अंदर भी अनुशासन ·ो ·ायम रखने ·े लिए पहल ·रते नज़र आते हैं। इस तरह से वर्तमान राजनीति· परिदृश्य ·ो देखते हुए ·हा जा स·ता है ·ि ·ांग्रेस पार्टी ·े लिए दिग्विजय सिंह आज भी तुरुप ·ा पत्ता साबित हो रहे हैं। और इस बात ·ो मानने में ·िसी ·ो ·ोई गुरेज़ नहीं होना चाहिए ·ि अपनी घोषणा ·े अनुसार यदि १० साल बाद दिग्गी राजा चुनाव लड़ते हैं तो न ·ेवल वे अपने बूते चुनाव जीत·र मध्य प्रदेश ·े मुख्यमंत्री ·े पद ·ो सुशोभित ·रेंगे, वरन ·ेन्द्र ·ी राजनीति में ही दमदार भूमि·ा पर खरा उतरेंगे।
जि़ला भाजपा ·े वन मैन शो गौरीशं·र बिसेन
हृ रहीम खान
भरवेली (बालाघाट)। राज्य सर·ार में सह·ारिता एवं पी.एच.ई विभाग ·े मंत्री गौरीशं·र बिसेन जबसे प्रदेश मंत्री मण्डल में शामिल हुए उन्होंने अपनी ·ार्यप्रणाली से मीडिया में ज़्यादा से ज़्यादा जगह हासिल ·ी है साथ ही जि़ले ·ी राजनीति में भी उन्होंने अपने ·ार्यो से ए· नया परिवर्तन लाया और आयोजित होने वाले पार्टी ·े ·ार्य·्रम जिस भव्यता ·े साथ संपन्न होते है यह स्थितियां पहले ·भी जिले में नही देखी गई। यही ·ारण है ·ि उन·े बारे में ·हां जाता है ·ि बालाघाट जिला भारतीय जनता पार्टी में गौरीशं·र बिसेन, जिन्हें लोग प्यार से गौरी भाउ ·ह·र पु·ारते है ने जिले ·ी राजनीति ·ी दिशा बदल दी। इस वक्त वह पार्टी में वन मेन शो है। प्रदेश सर·ार ·ा प्रत्य· $फैसला चाहे वह ·लेक्टर ·ा तबादला हो एस.पी. ·ा या पार्टी से जुड़ा ·ोई भी निर्णय उसे तब त· हरी झण्डी नहीं मिलती जब त· ·ि उसे गौरी भाउ ओ·े न ·र दें। म.प्र. ·े मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश भर ·ा भ्रमण ·रते हैं, वहां उन·ा स्वागत सत्·ार भी होता है। परंतु जो भव्यता और ए· अलग तरह ·ा रोमांच बालाघाट जि़ले ·े भ्रमण में देखने ·ो मिलता है, वह अन्य प्रदेशों में नहीं। बेहद सहज भाव ·े साथ सह·ारिता मंत्री एवं पी.एच.ई. विभाग ·े मंत्री ·े रूप में अपनी उपलब्धियों ·ो गिनाने वाले गौरीभाउ ने विगत ए· माह ·े अंतराल में तपती धूप में गांव-गांव घूम·र जिले ·ी राजनीति में नई हलचल पैदा ·र दी है। गर्मी ·ी उमस में जब घर बैठना पंसद ·रते तब गौरीभाउ अपने ·ार्य·र्ताओं ·े साथ अधि·ारियों ·ी टोली ले·र ग्रामीण क्षेत्रों ·े चप्पे-चप्पे में घूम·र ए· तरह से जनता ·ी अदालत लगा रहे हैं और लोगो ·ी समस्याएं सुन·र उसे तत्·ाल समाधान ·रने ·ी ओर भी पहल ·र रहे हैं। इस स·्रियता ·े संबंध जब उनसे ·हां गया तो उन·ा उत्तर था, उन·े ·ार्य·ाल ·ो ढाई वर्ष हो चु·े है, इस अंतराल में हमने अपने ·ामों से जनता ·े दिल में ·ितनी जगह बनाई उन·ी समस्याओं ·ो ·ितना निरा·रण ·िया और ·ौन सी समस्या है, जिन·ा समाधान बा·ी है। साथ ही लोग हमारे और सर·ार ·े बारे में क्या सोच रहे हैं, इस·ा आ·लन ·रने ·े दृष्टि·ोण से ही यह सघन जनसंपर्· अभियान चलाया जा रहा है।
यह सब ·ार्य प्रदेश ·े मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ·े मार्गदर्शन में ·िया जा रहा है। ·ारण यह है ·ि जनता से जुड़े जितने बड़े ·ार्य अतीत में रही सर·ारों ने नहीं ·िये वह वर्तमान प्रदेश सर·ार ·र रही है। गौरीभाउ इस जनसंपर्· अभियान में अधि·ारियों ·ो फट·ारने में भी ·हीं पीछे नहीं है। साथ ही पुलिस से जुड़ी समस्याओं पर वह दो टू· उत्तर देते हैं, ·ि यदि पुलिस ·र्मचारी या अधि·ारी अपनी ·ार्यप्रणाली में सुधार नहीं ·रते, तो उन्हें तबादले ·े लिये तैयार रहना चाहिये। 18 दिवसीय विदेश यात्रा में 11 देशो ·े भ्रमण पर उन्होंने जो अनुभव प्राप्त ·िया उस·ो अमली जामा पहनाने ·े प्रयास भी वह मप्र में ·रना चाहते हैं, और इस बात ·ा विश्वास है ·ि आने वाले वर्षों में हेण्डपंप जैसी सुविधाओं से बेहतर सुविधा वह जनता ·ो उपलब्ध ·राएंगे। उन्होंने महसूस ·िया ·ि परिवार नियोजन ·ार्य·्रम ·ो शक्ति ·े साथ अमल में लाना चाहिये। बढ़ती जनसंख्या हमारे लिये निश्चित रूप से चिंता ·ा विषय है। विदेशी भ्रमण में उन्होंने महसूस ·िया ·म आबादी बेहतर वि·ास ·ा रास्ता प्रशस्त ·रती है। ढाई वर्ष ·े मंत्री·ाल में सफलता ·े साथ विवादों ·ा भी सामना उन्हें ·रना पड़ा, जिस·े चलते ·ुछ समय उन्हें खामोश रह·र विभागीय ·ार्यो में बिताना पड़ा। परन्तु ए· बार फिर जनता ·े बीच उन·ी स·्रियता इस बात ·ी ओर सं·ेत ·र रही है ·ि आने वाले चुनावों में वह ·िसी बड़े राजनीति· लक्ष्य ·ो प्राप्त ·रने ·ी ओर ·ार्य ·र रहे हैं। संभव है ·ि प्रदेश ·ी राजनीति में ·ुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं, उस·ा असर उन·े क्षेत्र या जिले में ना पड़े उस·े पहले ही वह अपनी ज़मीन मज़बूत रखना चाहते हैं। साथ ही बहुमुखी राजनीति· प्रतिभा ·ी धनी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष उन·ी पत्नी श्रीमती रेखा बिसेन ·े लिए भी वह सुरक्षित चुनाव क्षेत्र ·ा आ·लन ·रने में लगे है। फिलहाल उन·ी स·्रियता यही ·ुछ अप्रत्यक्ष राजनीति· संदेश दे रही है।

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