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Saturday, April 23, 2011


दिग्विजय ·ी प्रदेश वापसी शिवराज ·े लिए $खतरे ·ी घंटी
हृ चंद्रशेखर सिंह

भोपाल (म.प्र.)।
लगभग ए· दश· बाद मप्र में ·ांग्र्रेस ने अपने होने ·ा एहसास ·राया है। ·ांतिलाल भूरिया ·े प्रदेश ·ांग्रेस ·ी बागडोर संभालने ·े बाद जिस तरह से प्रदेश ·ांग्रेस ·े ·ार्य·त्र्ताओं में ए·जुटता व जोश दिख रहा है, य·ीनन उससे शिवराज सिंह चौहान ·ी ङ्क्षचताएं बढ़ गई हैं।
हैडिंग में ‘दिग्विजय ·ी मप्र वापसी’ पर पाठ· ज़रूर हैरान हो रहे होंगे, ·ि ऐसा तो ·ुछ नहीं, दिग्विजय तो पहले ·ी तरह अब भी ·ेंद्र ·ी राजनीति में अंगद ·े पांव ·ी तरह जमे हुए हैं। दरअसल पिछले पखवाड़े चाहे वो राहुल भैया उ$र्फ अजयसिंह ·ा नेता प्रतिपक्ष ·ा चयन हो, या ·ांतिलाल भूरिया ·ी प्रदेश ·ांगेस ·ी ताजपोशगी, दोनों ही नेताओं ·ा चयन ·ुल मिला·र दिग्विजय ·ी जीत है। अजयङ्क्षसंह ‘राहुल’ और भूरिया दोनों ही दिग्विजय ·े दो बाज़ू हैं, जो अब मप्र ·ी भाजपा सर·ार ·ो नेस्तानाबूद ·रने ·े लिए उठ खड़े हुए है।
$खबरयार अपने पिछले अं·ों में इस बात ·ो ले·र लिखता रहा है, ·ि शिवराज ङ्क्षसंह सर·ार इतने सारे भ्रष्ट मामलों में लिप्त होने ·े बावजूद यदि बची हुई है, तो उस·ा ·ारण ·ांग्रेस है, जो अब त· आपसी खींचतान से ही उबर नहीं पा रही थी। असलम शेर $खान ने भी अपने ·ांग्रेसी साथियों ·ो आगाह ·िया था, ·ि ए· हो जाओ, वरना मप्र ·ो भी दूसरा बिहार बनते देर नहीं लगेगी। सुरेश पचौरी ·े अध्यक्षीय ·ाल में ऐसा ·भी नहीं हुआ ·ि ·ांग्रेस ·ार्य·र्ताओं में ·ोई ए·जुटता दिखी हो। उन·े समय में ·मलनाथ, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सहित सारे नेता अपनी अपनी गुटबाज़ी में लीन थे, ए· दूसरे ·ी टांग खींचने से ही $फुर्सत नहीं मिल रही थी उन्हें। ये ज़रूर समझ से बाहर है ·ि सुरेश पचौरी से इन नेताओं ·ी ऐसी क्या खुंद· है, ·ि उन·े अध्यक्ष रहते ·िसी ने भी उन·े साथ होने ·ी ·ोशिश नहीं ·ी। पार्टी ·ा सर्मठ, अनुशासित सिपाही होने ·ा दावा ·रने वाले ये नेता ·मज़ोर होती ·ांग्रेस ·ो और ·मज़ोर होता क्यों ·र देखते रहे। अब जो ए·ता ए·जुटता दिख रही है, उससे तो यही लगता है ·ि ए· ·मज़ोर गुट हार गया, और ए· मज़बूत गुट अब प्रभावशील बन गया है। सवाल उठता है, ·ि ये गुटबाज़ी ·ी राजनीति ·ब $खत्म होगी, बहरहाल ये दिग्विजय गुट ·ी विजय मानी जाएगी। इसमें ·ोई दो राय नहीं ·ि ये गुट शुरू से, स्व: अर्जुन सिंह ·े समय से ता·तवर रहा है, ·भी इसमें प्रमुख ठा·ुर साहब ही रहे थे। दिग्विजय सिंह ·ो मुख्यमंत्री बनवाने में उस वक्त ·ेंद्र ·ी राजनीति में $खास अर्जुनसिंह ·ा ही हाथ था। आज वही दिग्विजय सिंह दिल्ली में बैठ·र मप्र ·ी चालें चल रहे हैं। इसमें ·ोई श· नहीं, हाल ·े दिनों में ·मलनाथ, दिग्विजय सिंह, अजय सिंह ‘राहुल’ ज्योतिरादित्य सिंधिया और ·ांतिलाल भूरिया व$गैरा में जो ए·जुटता दिखाई दी है, उससे मप्र में ·ांग्रेस ·ी ·मज़ोर ·ाया में जान फुं·ती दिख रही है। भाजपा ·ी भ्रष्टाचारों में फंसी शिवराज सर·ार ·ो यदि ·ांग्रेस ·ी ये ए·जुटता गिराने ·ी ·ोशिश ·रती है, तो अगले चुनावों में ए· बार फिर ·ांगे्रस उठ खड़ी होगी,यह य·ीनन है।








इण्डिया अगेन्स्ट ·रपशन

देश भर में भ्रष्टाचार · $िखला$ अन्ना हज़ारे · महाअभियान
बनारस से शुरू होगा रैलियों · सिलसिला
ए· ओर भले ही अन्ना हज़ारे ·े भूषणों ·ो ले·र दिल्ली में राजनीति· खींचतान चल रही हो, ले·िन दूसरी ओर इंडिया अगेन्स्ट ·रप्पशन ·ी योजनाओं पर ·ाम जारी है. इस बैनर ·े तहत अन्ना हज़ारे ·ी देशभर में रैलियां आयोजित ·रने ·े लिए तैयारियां पूरी ·र ली गयी हैं, और आगामी 29 अप्रैल ·ो देश में अन्ना हज़ारे ·ी पहली रैली ·ाशी (बनारस) में होगी। इस संबंध में बुधवार अप्रैल 20 ·ो दिल्ली में इंडिया अगेन्स्ट ·रप्शन से जुड़ी संस्थाओं और व्यक्तियों ·ी ए· बैठ· दिल्ली में हुई, जिसमें अन्ना हज़ारे ·े ·ार्यक्रमों ·े बारे में विस्तार से चर्चा हुई, और ·ुछ रैलियों ·ी तिथियां निर्धारित ·ी गयी। ऐसी पहली रैली बनारस में होगी। इस रैली ·े लिए पूर्व सूचना आयुक्त ओपी ·ेजरीवाल ·ो संयोज· बनाया गया है।
जंतर मंतर पर अनशन ·ो समाप्त ·रते हुए अन्ना हज़ारे ने घोषणा ·ी थी ·ि ए· ओर जहां जनलो·पाल ·े लिए उन·ा अभियान जारी रहेगा, वहीं दूसरी ओर वे देशभर में यात्राएं और सभा ·रेंगे। इसी ·ड़ी में बनारस में उन·ी पहली सार्वजनि· सभा रखी गयी है। बनारस ·े बाद वे अगले दिन सुल्तानपुर में होंगे और 30 अप्रैल ·ो सुल्तानपुर में रैली ·ो संबोधित ·रेंगे। इस·े अगले दिन यानी 1 मई ·ो अन्ना हज़ारे लखनऊ में होंगे और ए· रैली ·ो संबोधित ·रेंगे। 2 मई ·ो दिल्ली में लो·पाल ·े लिए बैठ· निर्धारित है, जिसमें शामिल होने ·े बाद अन्ना हज़ारे गुवाहाटी चले जाएंगे, जहां 3 मई ·ो रैली प्रस्तावित है।
अन्ना हज़ारे से जुड़े लोगों ·ा ·हना है, ·ि अन्ना हज़ारे इस·े बाद देश ·ी हर राजधानी में रैलियों ·ो संबोधित ·रेंगे।

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