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Friday, July 2, 2010




श्री 420

दो अलग-अलग मामलों में
प्र$फल्ल पटेल और हरवंश सिंह फिट

धोखाधड़ी और चारसौबीसी प्राचीनकाल से चली आ रही है, पहले ये काम निचले स्तर के लोग ही करते थे और उनकी इस ठगी की रकम महज़ कुछ हज़ार हुआ करती थी, पर अब इस 'व्यवसायÓ में बड़े और इज्ज्ज़तदार लोग आ गए हैं, और आ रहे हैं। केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल और मप्र विधानसभा उपाध्यक्ष और केवलारी से कांग्रेस विधायक हरवंश सिंह ऐसे ही समाननीय चेहरे हैं जिन पर हाल ही में दो अलग- अलग मामले दर्ज हुए हैं। ऐसे लोगों को सि$र्फ ४२० कहना बेइ़ज्ज़ती होगी, येे श्री ४२० या श्रीमान ४२० कहलाए जाने के ही ह$कदार हैं।
केन्द्रीय उड्डयन मंत्री ने एक ही ज़मीन दो लोगों को बेच दी
बैतूल। आईपीएल मामले से सुर्खियों में आए केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल की परेशानियां कम नहीं हो रहीं। बैतूल जिला न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायाधीश ने एक ज़मीन की दो लोगों के नाम रजिस्ट्री करने के मामले में प्रफुल्ल पटेल और कंपनी मेसर्स छोटा भाई जेठा भाई पटेल सहित 7 भागीदारों के $िखला$फ धारा 420 का मामला दर्ज किया है। कोर्ट ने उन्हें 19 जुलाई को न्यायालय में पेश होने के लिए समन जारी कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
राष्ट्रीय राजमार्ग 69 पर ग्राम बडोरा में प्रफुल्ल पटेल की कंपनी में छोटा भाई जेठा भाई एंड कंपनी ने 17 हज़ार वर्ग फीट ज़मीन बैतूल के नवनीत गर्ग को बेची थी। इसकी रजिस्ट्री 19 मई 2003 को की गई। कंपनी ने यह ज़मीन 11 जून 2003 को बैतूल के ही अशोक दीक्षित को बेच दी। ज़मीन पर कब्ज़ा पाने के लिए नवनीत गर्ग करीब 6 वर्षों तक संघर्ष करते रहे।
क्या हुए हैं आदेश
परिवादी नवनीत गर्ग के परिवाद पर $फैसला सुनाते हुए न्यायिक मस्ट्रिेट प्रथम श्रेणी सिराज अली ने मे. छोटा भाई जेठा भाई एंड कंपनी, अरविंद भाई पटेल पिता छोटा भाई निवासी सागर, मोटापोर खेड़ा गुजरात निवासी हर्षद भाई पिता नटरवरलाल, दीपक पिता रमन भाई पटेल, किरन भाई पिता रमन भाई पटेल, शेलेश भाई पिता रमन भाई पटेल, गोंदिया महाराष्ट्र निवासी प्रफुल्ल भाई पिता मनोहर भाई पटेल, कौशल भाई पिता अरविंद भाई पटेल और ईश्वर भाई पटेल को छल और धोखाधड़ी का दोषी पाया। न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि आरोपियों के विरुद्ध धारा 420 भादवि केअंतर्गत अपराध का संज्ञान लिया जाता है। परिवादी नवनीत गर्ग के वकील ने बताया कि यह दांडिक परिवाद है। इसमें 7 वर्ष तक की सज़ा का प्रवधान है।

विधानसभा उपाध्यक्ष द्वारा $खरीदी गई ज़मीन के स्वामी और निकले
उधर सिवनी से $खबर है कि म.प्र. विधानसभा उपाध्यक्ष और केवलारी से कांग्रेस विधायक हरवंश सिंह के $िखला$फ धनौरा थाने में ज़मीन $खरीदी मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता मोहम्मद शाह द्वारा लखनादौन के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद-पत्र दायर करने के बाद कोर्ट के आदेश पर सोमवार जून 28 को एफआईआर दर्ज की गई। मामले में हरवंश सिंह, उनके पुत्र रजनीश सिंह, नियाज़ अली के विरुद्ध धारा-420, 506, 294, 120-बी का मामला दर्ज हुआ है। धनौरा थाना प्रभारी के अनुसार हरवंश सिंह और उनके बेटे ने आमानाला में संयुक्त खाते की ज़मीन नियाज अली से $खरीदी थी। इस संपत्ति में नियाज अली के अलावा मोहम्मद शाह एवं अन्य भाई बहनों का भी अधिकार था। परिवाद में कहा गया है कि पैतृक ज़मीन बिकने की भनक जब मो. शाह को लगी तो उसने अपने भाई नियाज़ अली, विस उपाध्यक्ष हरवंश सिंह व उनके पुत्र रजनीश सिंह के समक्ष विरोध जताया। इस पर परिवादी के साथ उन लोगों द्वारा मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई। अदालत में प्रस्तुत परिवाद में कहा गया है कि ज़मीन $खरीदी मामले में लिप्त लोगों द्वारा पुलिस पर दबाव बनाकर न्यायिक जांच नहीं होने दी गई जिसके कारण परिवादी को राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक मानव अधिकार संस्थान से मदद मांगनी पड़ी।
इस पर यह मामला लखनादौन न्यायालय में पहुंचा। लखनादौन के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट एएस सिसोदिया के समक्ष परिवाद में उन्होंने संज्ञान लेते हुए धनौरा पुलिस को हरवंश सिंह, रजनीश सिंह के विरुद्ध सीआरपीसी-156, 3 के तहत कार्रवाई कर धारा-420, 506, 294, 120 बी के तहत अभियोग प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।


आंचलिक पत्रकार संघ की पहल रंग लायी
अनियमितताओं को
बढ़ावा दे रहे अधिकांश अधिकारी जि़ले से स्थानांतरित

अनूप सक्सेना
राजगढ़।
जि़ले में आंचलिक पत्रकार संघ के पदाधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध मिशन के रूप छेड़ा गया अभियान अब प्रभाव दिखाने लगा है। जिन अधिकारियों के विरूद्ध उनके द्वारा बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर अभियान चलाया गया था, उनमें जि़ले में पदस्थ जि़ला वन मण्डलाधिकारी (डी.ए.ओ.) एच.सी.गुप्ता का स्थानांतरण बालाघाट किया गया है। उनकी राजनैतिक जोड़तोड़ व प्रभावशाली राजनीतिज्ञों से सम्पर्क इस बार काम नहीं आ सके। इस क्रम में ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थ कार्यपालन यंत्री वाय.एस.नेगी का स्थानांतरण झाबुआ किया गया है। उल्लेखनीय है कि श्री नेगी के विरूद्ध पानसेमल (बड़वानी)में पदस्थ रहते लाखों रूपयों की वित्तीय अनियमितता किये जाने के कारण शासन स्तर से मंत्रायल पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आरोप पत्र जारी किया गया था, और उनसे वसूल की जाने वाली राशि 30 लाख रूपये तय की गयी थी। फिर भी उनकी पदस्थापना राजगढ़ जि़ले कार्यपालन यंत्री आर.ई.एस. पद पर कर दी गयी थी और 200 करोड़ की बारहमासी सड़कें निर्माण किये जाने का नियंत्रण पर्यवेक्षण का कार्य श्री नेगी जैसे गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आदी अधिकारी को सौंप दिये जाने के विरोध में आंचलिक पत्रकार संघ द्वारा आवाज़ बुलंद करते हुये ग्रामीण विकास विभाग केन्द्र के ग्रामीण विकास मंत्री सी.पी.जोशी को अवगत कराया था। इसी तजऱ् पर जि़ला वाणिज्यकर अधिकारी श्री बास्कले द्वारा जि़ले में पदस्थ रहते विभाग के बड़े बकायादारों से पांच करोड़ की राशि वसूल न करना इन व्यवसायियों से सांठगांठ कर $फजऱ्ी नीलामी दिवस प्रदर्शित कर इन सम्पत्तियों का $खरीदार न मिलना दस्तावेज़ों में दर्शाकर इन दोषी व्यवसायियों को सुरक्षित रखना। इन व्यवसायियों को उनके परिजनों के नाम से दूसरे पंजीयन नम्बर, टिन नं. एलाट करना, आदि आरोपों की शिकायत आंचलिक पत्रकार संघ द्वारा शासन स्तर पर प्रमाणित दस्तावेज़ों के साथ की जाने से वाणिज्यकर अधिकारी का स्थानांतरण इंदौर किया गया। इसी तजऱ् पर जि़ला आबकारी अधिकारी श्री घनोरा को भी राजगढ़ जि़ले से हटाया गया। उनके विरूद्ध भी विभागीय ठेकेदारों से दो करोड़ से अधिक राशि की वसूली न किये जाने का मामला था इन ठेकेदारों के विरूद्ध आर.आर.सी. जारी होने के बाद भी जि़ला आबकारी अधिकारी के संरक्षण में ये ठेकेदार अपने कर्मचारियों के नाम से अपना शराब का कारोबार बदस्तूर जारी रखे हुए थे। इन महकमों में नये अधिकारियों के पदस्थ होने के बाद निश्चित तौर पर उम्मीद की जाती है कि सुधार नज़र आयेगा।

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